प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ सरकार के खिलाफ लामबंद होने जा रहा।राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का जी ने कहा की सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश का किसान परेशान है,लेकिन सरकार को किसानों की चिंता नहीं है,उन्होंने कहा की प्रदेश में हाल ही में हुई अतिवृष्टि ओलावृष्टि से किसानों की फसलें खराब हो गई लेकिन अबतक सरकार ठीक ढंग से उसका सर्वे भी नहीं करा पाई,उन्होंने कहा की सरकार जल्द ही अतिवृष्टि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे करा कर किसानों के खातों में राहत राशि डाले,और पूर्व से लंबित राहत राशि और फसल बीमा की राशि भी किसानों के खाते में डाली जाए, उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर 32000 रुपया हेक्टेयर के हिसाब से किसानों को राहत राशि दी जाएगी, लेकिन सरकार अपना आशय स्पष्ट करें कि 50 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर कितनी राशि जी जाएगी,किसान मजदूर महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई तो 1 जून से 7 जून तक पूरे प्रदेश में फल सब्जी और दूध का विक्रय बंद किया जाएगा और इसके बाद भी सरकार ने अपना उदसीन रवैया अपनाया तो किसान दिल्ली कूच करेंगे ।
Monday, March 27, 2023
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एक जून से फिर आंदोलन करेंगे किसान
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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