गांव रोडिया में रहता था। उसके पास कुछ जमीन है, और निजी काम भी करता है। शिव प्रसाद साहू के घर से करीब तीन सौ फीट दूर आरोपी ओमनाथ का मकान है। वह अपनी पत्नी रामयती, बेटे अभिषेक नाथ, शरद नाथ और बहन ओमवती के साथ रहते हैं। इनमें से अभिषेक नाथ शासकीय शिक्षक हैं। शिव प्रसाद साहू रविवार शाम करीब आठ बजे उनके घर से थोड़ी ही दूर चौपाल पर शराब पीकर उनके घर की महिलाओं के बारे में अपशब्द कह रहा था।ओमनाथ और उसके बेटों ने उसे रोका, लेकिन वह रुका नहीं और लगातार अपशब्द कहता रहा। इस बात से ओमनाथ और उसके परिवारजनों ने आक्रोशित होकर उससे मारपीट कर दी। लकड़ी के डंडे से शिव प्रसाद पर हमला होने के कारण उसे अंदरूनी चोट आई थी। मृतक शिव प्रसाद के भाई जितेंद्र साहू ने पुलिस को बताया कि मारपीट होने के बाद शिव प्रसाद घर पहुंचा था। पत्नी ने उससे खाना खाने का पूछा, लेकिन उसने केवल पानी मांगा और कहा कि नींद आ रही है। पानी पीने के बाद वह सो गया। सुबह वह बेसुध नजर आया तो घरवाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने उक्त मामले में जितेंद्र की शिकायत पर अभिषेक नाथ, शरद नाथ, ओमनाथ और रामयती नाथ समेत ओमवती नाथ पर मारपीट और हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दो आरोपित शरद और रामयती को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने 5 लोगो को आरोपी बनाया गया है। दो लोग गिरफ्तार हो चुके है बाकी की तलाश जारी है।
Thursday, March 23, 2023
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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