रोहित यादव की गुमशुदगी की जानकारी अखबारों से लेकर सोशल मीडिया पर रोहित के परिजनों ने उसके फोटो और अपने नंबर के साथ वायरल किया था ताकि उनके भाई की जानकारी मिल सके। 25 जुलाई को देर रात एक अनजान नंबर से एक व्यक्ति ने कॉल कर बताया कि जिसके गुमशुदगी की फोटो अखबार में छपी है. उसका शव सेंटर जेल के पीछे दफनाते हुए उसने देखा है। जिसके बाद उसके परिजनों ने आनन-फानन में जाकर कैंट थाने पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल के पीछे जाकर वह तलाश करने लगे। उनके साथ प्रशासन भी मौके पर पहुंचा.. जिसके बाद देर रात कई घंटों तक ढूंढने के बाद एक स्थान पर एक गढ्ढा दिखा जहा खुदाई की गई। जहां से कुत्ते का दफनाया हुआ शव निकाला। जिसके बाद रोहित के परिवार वालों ने राहत की सांस ली। 18 जुलाई से लापता हुए रोहित के भाई रमेश ने बताया कि अनजान नंबर से कॉल आया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि उसने सेंटर जेल के पीछे दफनाते हुए देखा है। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी और जाकर खुदाई किया गया... जिसमें कुत्ते का शव दफनाया हुआ है। हालांकि पुलिस ने का कहना है कि रोहित की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई है। उसके आधार पर उसका तलाश पतासाजी किया जा रहा है। अब जिस अननोन नंबर से कॉल करके यह जानकारी दी गई है ।
Wednesday, July 26, 2023
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लापता युवक की तलाश में की खुदाई
लापता युवक की तलाश में की खुदाई
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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