इन परेशानियों ने भोपाल नगर निगम की मानसूनी तैयारियों को पोल खोल कर रख दी है। दरअसल शारदा विद्या मंदिर स्कूल से प्रोस्पेरा कॉलोनी सहित 5 कालोनियों के रहवासी बाग मुगालिया वार्ड नंबर 53 के रहवासी के माँग पर 23 फरवरी को यहां सीमेंट कांक्रीट रोड बनाने के लिए विधायक एवं क्षेत्रीय पार्षद द्वारा भूमि पूजन करने के भी बाद ठेकेदार द्वारा सड़क ना बनाने एवं चारों तरफ भरे हुए सीवेज के पानी से परेशान होकर रहवासियों ने कीचड़ स्नान किया। क्योंकि ठेकेदार व नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण रहवासियों का निकलना मुश्किल हो गया है। कॉलोनी के आसपास सीवेज के तालाब भरे हुए हैं सड़क बची नहीं है कीचड़ से भरे हुए रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। स्कूल की बसें आती नहीं है क्योंकि सड़क बिल्कुल बची नहीं है सीवेज का पानी आसपास भरा हुआ है पांच कॉलोनी की जनता नरक में जीवन जी रहे हैं सब जगह गुहार लगा ली है लेकिन कुछ नहीं हो रहा स्कूल जाने वाले बच्चे महिलाएं एवं पैदल चलने वाले सबसे ज्यादा परेशान होते हैं बगैर गाड़ी के बच्चों को घर जाने आने में होती है।
Sunday, July 16, 2023
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किसी का का मजा, तो किसी के लिए सजा बना मानसून
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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