लीलाओ को देखने के लिए देवी देवताओं ने ब्रज धाम में अपना अपना स्थान ले लिया मगर शनि देव को किसी ने भी स्थान नहीं दिया। काफी परेशान होने के बाद शनि देव नारद जी के पास पहुंचे तथा अपनी समस्या तू जा यार काम करेंगे यार नारद मुनि को सुनाई तो नारद मुनि ने समस्या का हल करते हुए कहा कि आप मेरे स्थान पर विराजमान हो जाएं मगर आपको एक बादा करना होगा जो भी भक्त मेरे स्थान पर आकर कुंड में स्नान कर पूजा आराधना करेगा तो आप उसे अपने कुदृष्टि से दूर रखेंगे तथा उसके शनि दोषों को भी दूर करेंगे। शनिदेव ने नारद मुनि को वादा करते हुए कहा कि अगर कोई सावन के चार शनिवार तथा वर्ष के सात शनिवार कोई भी व्यक्ति इस स्थान पर पहुंचकर स्नानकर पूजा आराधना करने से उस व्यक्ति के शनि दोष दूर हो जाएंगे तभी से इस स्थान पर सावन के प्रत्येक शनिवार को श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है इसकी जानकारी देते हुए मंदिर में मौजूद पुजारी एवं श्रद्धालु ने दी।
Saturday, July 8, 2023
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एक स्थान ऐसा जहां स्नान कर पूजा करने से होते हैं शनि के दोष दूर
एक स्थान ऐसा जहां स्नान कर पूजा करने से होते हैं शनि के दोष दूर
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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