मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है की द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान पहली बार इस तरह की पहल की जा रही है। राजन ने कहा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान सेक्टर ऑफिसर इस बार मतदाता सूची का वाचन करेंगे साथ में बीएलओ भी मौजूद रहेंगे। आपको बता दें की 3 अगस्त से 10 अगस्त तक यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया की एक घर में अगर 6 लोगों से अधिक मतदाता हैं तो उनका भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा। वही 2 अगस्त को प्रदेश के सभी 64 हजार 100 मतदान केंद्रों, जिला मुख्यालयों पर मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। 2 अगस्त से 31 अगस्त तक मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, वोटर लिस्ट में संशोधन, मृत मतदाता और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन किए जायेंगे और इस पर निर्वाचन आयोग की टीम भी काम करेगी ।
वही जो मतदाता 01 अक्टूबर 2023 को 18 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे हैं उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन लिए जाएंगे । 31 अगस्त तक मिले आवेदनों का निराकरण 22 सितंबर 2023 तक होगा। 4 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसी के साथ शनिवार-रविवार को भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे। निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि इस बार जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह नए मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदाता सूची में जोड़ें। अनुपम राजन ने बताया कि तीन दिन हमारी मीटिंग चली जिसमे पहले दिन चार संभागों के कलेक्टर , एसपी के साथ बैठक हुई दूसरे दिन वाकी बचे कलेक्टर, एसपी के साथ बैठक की गई और आखरी दिन DGP, प्रमुख सचिव इकबाल सिंह बेस और इंफोर्समेंट एजेंसियों के साथ बैठक की गई। चुनाव के वक्त किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सभी को जिम्मेदारी दी गई और अतिरिक्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
Friday, July 7, 2023
Home
विधानसभा चुनाओं को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेज
विधानसभा चुनाओं को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेज
Tags
# मध्यप्रदेश
Share This
About munsi verma
मध्यप्रदेश
देश, मनोरंजन, राजनीति, राज्य, विदेश
मध्यप्रदेश
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Author Details
mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

No comments:
Post a Comment