इंदौर में रविवार रात को फिर
बारिश शुरू हो गई। रात करीब 10 बजे पूर्वी क्षेत्र के कई हिस्सों में पहली
बूूंदाबांदी हुई और फिर तेज बारिश शुरू हो गई जिसने मौसम में ठण्डक घोल दी।
दूसरी ओर इसके कुछ देर पहले ही देपालपुर में भी तेज बारिश शुरू हो गई। रात
को दो घंटे में एक इंच बारिश हुई है। इंदौर में इस मौसम में अब तक 22 इंच
से ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है जबकि अभी दो माह बाकी हैं।
दशक
में यह पहला मौका है, जब पूर्व और पश्चिमी इंदौर में एक जैसी बारिश अब तक
हुई है। पूर्वी इंदौर में भी अब तक 22 इंच पानी बरसा है।
रविवार को सुबह से मौसम साफ था
और तेज धूप खिली। फिर दोपहर 12 बजे बाद बादल छाए और फिर धूप निकल गई। इसके
बाद बीच-बीच में फिर बादल छाते रहे और कुछ हिस्सों में रिमझिम हुई और फिर
बंद हो गई। रात 9 बजे कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी भी हुई और कुछ ही मिनट
में खत्म हो गई। रात 10 बजे बाद तो अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश का
यह दौर गीता भवन, शिवाजी प्रतिमा, छावनी, पलासिया, एमआईजी. देवास नाका,
बंगाली चौराहा, बायपास तक रहा। इस दौरान कुछ हिस्सों में करीब आधे घंटे तेज
बारिश हुई और फिर धीमी हो गई जबकि कुछ हिस्सों रुक-रुककर का दौर चल रहा
है। दूसरी ओर एरोड्रम, राजमोहल्ला, धार रोड आदि क्षेत्रों में भी हल्की
बारिश हुई जबकि देपालपुर के कई हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम
वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी एक-दो दिन इंदौर में हल्की बारिश होने के आसार
हैं जबकि संभाग के कुछेक जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
जुलाई में 26 दिन बारिश हुई, सामान्य तरह 13 दिन बरसता है पानी
दरअसल
इस बार मानसून भले ही लगातार सक्रिय न हो लेकिन बार-बार बदल रहे सिस्टम और
रुक-रुक कर हुई बारिश ने जुलाई माह में इंदौर को तर कर दिया है। जुलाई माह
में औसत बारिश 12 इंच होती है। लेकिन इस बार अब तक 18 इंच से ज्यादा हुई
है। हालांकि अब तक कुल 22 इंच बारिश होने के बावजूद तापमान अधिकांश दिनों
में सामान्य से ज्यादा ही रहा है। इंदौर में अमूमन जुलाई के महीने में 13
दिन बारिश होती है लेकिन इस बार 26 दिन पानी बरसा है। मौसम विभाग ने आज भी
बारिश के आसार जताए हैं।
मौसम
विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले एक दशक में जुलाई माह में सबसे ज्यादा
बारिश 2013 को हुई थी। तब 22 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। इसके बाद बाकी नौ
सालों में 7 इंच से 15 इंच तक बारिश हुई जबकि इस बार 18 इंच से ज्यादा
बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा पश्चिम क्षेत्र का है। इस बार पूर्वी क्षेत्र
में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई है जबकि अभी तक दोनों क्षेत्रों में कुल
बारिश 22 इंच से ज्यादा हो चुकी है। इस बार जुलाई माह में एक दिन में
अधिकतम 20 जुलाई को बारिश हुई थी। इस दिन 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी।
कुल मिलाकर इस बार भले ही पूरे माह कभी झड़ी नहीं लगी हो लेकिन फिर भी
रुक-रुक कर हो रही बारिश ने पिछले 9 साल का रिकॉर्ड तो तोड़ा ही साथ ही कुल
कोटे की आधे से ज्यादा बारिश भी हो चुकी है।
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