खुलासा तब हुआ जब गैंग का सरगना दो बच्चों को नशा कराकर सूने मकानों की रैकी करा रहा था। चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी अभी फरार है। चाइल्ड लाइन की काउंसलिंग में 13 साल के बच्चे ने बताया कि गैंग ने उसका स्कूल छुड़वा दिया। पहले नशे का आदी बना दिया। इसके बाद चोरी की ट्रेनिंग देकर अपराध कराने लगा। पुलिस ने बच्चों को रंगे हाथ चोरी करते हुए पकड़ा था... पुलिस ने आरोपियों के पास से सिलोचन की 14 टयूब बरामद किया है। हबीबगंज थाना प्रभारी मनीष राज सिंह भदौरिया ने बताया की पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक अपने साथ दो नाबालिगों को लेकर 10 नंबर स्टॉप के पास सूने मकानों की रैकी करते हुए घूम रहे हैं। नाबालिग चलते-चलते सुलोचन का नशा भी कर रहे हैं। मौके पर चाइल्ड लाइन और पुलिस की टीम पहुंची। टीम ने बच्चों से इलाके में घूमने की वजह पूछी। 13 साल के बच्चे ने बताया कि उन्हें नशा देकर साथ में चल रहे युवक उनसे चोरी कराते हैं। चोरी का सामान वही लोग रख लेते हैं। इसके बदले उन्हें सिर्फ नशा कराया जाता है। पुलिस ने नाबालिगों को लेकर घूम रहे दोनों युवक साहिल अली और ऋतिक अटूटे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। साहिल ने बताया कि उसके सगा भाई रमजान अली ने बच्चों से चोरी कराने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बाद में रमजान को भी गिरफ्तार किया। रमजान भरत नगर शाहपुरा का रहने वाला है। मामले में इरफान कवाड़ी अभी फरार है। पीसी नगर का रहने वाला 13 साल का नाबालिग पांचवीं में पढ़ता था। उसने पुलिस को बताया कि रमजान ने उसे सुलोचन की ऐसी लत लगाई कि उसका पढ़ने से ध्यान ही हट गया। उसका स्कूल जाना भी बंद करा दिया। वह नशे के लिए चोरी करने लगा... इंद्रानगर का रहने वाला 16 साल का किशोर 8वीं तक पढ़ा है। उसे भी गैंग ने सुलोचन का नशा करने का आदी बना दिया। पुलिस ने बच्चों के खिलाफ भी चोरी का प्रकरण कायम किया है। वही आरोपियो के खिलाफ जेजे एक्ट की भी कार्यवाही की है।
Wednesday, March 29, 2023
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बच्चों को नशा करा चोरी कराते थे, गिरफ्तार
बच्चों को नशा करा चोरी कराते थे, गिरफ्तार
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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