दमोह। दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हिनौता घाट गांव में 1 मार्च को दो ब्राह्मण बुजुर्गों की हत्या के आरोपियों के अतिक्रमण वाले घर और फसल पर जिला प्रशासन ने आज बुलडोजर चला।
इस कार्रवाई में आरोपियों के 2 सरकारी जमीनों पर बने मकान और सरकारी जमीन पर बोई गई फसल को नष्ट किया गया है। इसके अलावा एक सरकारी बोर पर भी आरोपियों का कब्जा था जिसमें डले समर्सिबल को जब्त किया गया है।
एक दिन पहले मंगलवार को ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने दमोह जिला मुख्यालय पर इस हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन किया था। ब्राह्मण समाज ने यह मांग की थी कि तत्काल आरोपियों के अतिक्रमण वाले घरों पर बुलडोजर चलाया जाए और उनकी गिरफ्तारी की जाए। यदि ये मांगे एक सप्ताह में पूरी नहीं हुई तो ब्राह्मण समाज इस बार बड़ा उग्र आंदोलन करेगी। समाज के लोगों ने एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया था। ब्राह्मण समाज के इस विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन आज बुधवार को प्रशासनिक अमला हिनौता घाट पहुंचा और आरोपियों के अतिक्रमण वाले घरों और जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हो गई। राजस्व अभिलेख के साथ पहुंचे तहसीलदार विकास अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश है कि आरोपियों के अतिक्रमण हटाए जाए। इसी क्रम में इस हत्याकांड से जुड़े आरोपियों के दस्तावेजों की जांच की गई जिसमें 2 सरकारी जमीन पर बने मकान एक रास्ते पर अतिक्रमण कर लगाई गई गेहूं की फसल चिन्हित की गई, जिसे कब्जा मुक्त किया गया है। एक सरकारी बोर पर भी आरोपियों का कब्जा मिला था जिसमें उनका समरसेबल था उसे भी जब्त किया गया है। इसके अलावा और भी सर्चिंग की जा रही है, यदि कुछ और भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मिलता है तो उसे भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
Wednesday, March 15, 2023
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हत्या के आरोपियों के यहां चला बुलडोजर
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mediacentre.in...यानी समय, सत्ता और समाज के बनाए हुए नियम के खिलाफ जाने का मतलब है। सही मायनों में सुधारवाद का वह पथ या रास्ता है। जो अंतिम माना जाता है, लेकिन हम इसे शुरुआत के रूप में ले रहे हैं। सार्थक शुरुआत कितनी कारगर साबित होगी? यह तो भविष्य तय करेगा। फिर भी हम ब्रह्मपथ पर चल पड़े हैं, क्योंकि यह अंतिम पथ नहीं है। सुधारवाद की दिशा में एक छोटा कदम है।.

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